मुंबई। नोटबंदी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इरादे एकदम साफ़ कर दिए हैं. शनिवार को प्रधानमंत्री ने चेताया कि अमान्य किए गए बड़े नोटों को जमा करने की सीमा 30 दिसंबर को समाप्त होने के बाद बेइमानों को बर्बादी का सामना करना पड़ेगा और कहा कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ देश के मिजाज को कमतर करके नहीं आंके.मोदी ने कहा, ‘बेईमान लोगों, आपको सवा सौ करोड़ लोगों के मिजाज को कमतर करके नहीं आंका जाना चाहिए. आपको भयभीत होने की जरूरत है. बेईमान लोगों की बर्बादी का समय आ गया है. यह स्वच्छता अभियान है’. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आठ नवंबर से 50 दिनों के बाद ईमानदार लोगों की परेशानियां कम होना शुरू होंगी और बेईमान लोगों की समस्याएं बढ़ने लगेंगी’.
जब तक हम जीत नहीं जाते तब तक यह लड़ाई खत्म नहीं होगी
विभिन्न आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद बांद्रा कुर्ला परिसर में एमएमआरडीए मैदान में लोगों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ‘हमने 8 नवंबर को कालाधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा निर्णय लिया था और 125 करोड़ भारतीयों ने पीड़ा को सहा, लेकिन मेरा समर्थन करना नहीं छोड़ा. मैं देश के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि जब तक हम जीत नहीं जाते तब तक यह लड़ाई खत्म नहीं होगी’.नोटबंदी का विरोध करने वाले दलों पर प्रहार करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘यह सामान्य लड़ाई नहीं है. जिन लोगों ने मलाई खाई है, वे इसे विफल बनाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी’. पीएम मोदी ने कहा, ‘भ्रष्ट लोगों ने नोटबंदी को विफल बनाने के लिए सभी तरह के प्रयास किए. उन्होंने यहां तक कि बैंक के अधिकारियों से मिलीभगत करके कालेधन को सफेद बनाने की सोची और इस कार्य में काफी लोग पकड़े गए’.
लोग देशहित में इस पीड़ा को सहने को तैयार हैं
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैंने कहा था कि 50 दिनों तक (नोटबंदी की घोषणा के बाद) परेशानी रहेगी’. उन्होंने कहा कि लोग देशहित में इस पीड़ा को सहने को तैयार हैं. लोग आगे भी ऐसा करने को तैयार हैं. मोदी ने आरोप लगाया कि पूर्व की सरकारों के दौरान पिछले 70 वर्षों में जिन लोगों ने भ्रष्टाचार से फायदा उठाया, वे लोग यह सुनिश्चित करने के लिए पूरा जोर लगा रहे है कि नोटबंदी को विफल बनाया जाए. जो लोग 70 वर्षों तक भ्रष्ट कार्यो में लिप्त रहे, उन्हें ऐसे कार्यों के लिए कीमत चुकानी पड़ेगी.
हमारा प्रयास गरीबों के लिए सस्ती दवा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना है
उन्होंने कहा, ‘समय बदल गया है और 30 वर्षों के अंतराल के बाद पूर्ण बहुमत की सरकार सत्ता में आई है. इसे नहीं भूला जाना चाहिए’. मोदी ने कहा कि देश बदलेगा, आगे बढ़ेगा और दुनिया में सिर ऊंचा करके आगे बढ़ेगा’.प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले मुंबई तट पर शिवाजी महाराज स्मारक की आधारशिला रखी और कहा कि मराठा शासक के बहुआयामी व्यक्तित्व से हम सबको सुशासन की प्रेरणा मिलती है. मैं महाराष्ट्र सरकार का आभारी हूं कि मुझे शिवाजी महाराज का जलपूजन करने का मौका मिला. उन्होंने कहा कि अगर भारत को सही मायने में पेश किया जाता है, तब उसमें वैश्विक पर्यटन को आ‍कर्षित करने की क्षमता है. आजादी के बाद अगर हमने विकास के मार्ग को अपनाया होता, तब हमें उन परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता जैसा आज करना पड़ रहा है
उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास गरीबों के लिए वहनीय दवा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना है. जब हम सत्ता में आए थे तब 18 हजार गांवों में बिजली नहीं थी, हमने 1000 दिनों में इन गांवों में बिजली पहुंचाने का निर्णय किया.
इस अवसर पर शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे भी मौजूद थे और उन्होंने भी लोगों को संबोधित किया. जब उन्होंने बोलना शुरू किया तब भाजपा कार्यकर्ताओं ने मोदी, मोदी के नारे लगाए.

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.