201608241542020743_akhilesh-yadav-slams-mayawati-in-assembly_secvpfनई दिल्ली। यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक मीडिया हाउस में कहा कि यूपी में एक बार फिर समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी. सपा अकेले बहुमत की सरकार बनाएगी. रही बात बसपा की मायावती की तो उनके साथ एक अलग रिश्ता कायम किया है. मैंने उन्हें बुआ कहा है. बुआ और भतीजा का यह रिश्ता राजनीतिक रिश्ता है. मायावती इस रिश्ते को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं. मैं इस बात का फैसला नहीं कर सकता कि कौन पार्टी में रहे और कौन नहीं. मैं प्रदेश अध्यक्ष नहीं हूं. अगर मैं सपा अध्यक्ष होता तो यह सुझाव जरूर देता. उन्होंने यह भी कहा कि अगर मुझे तलवार दे रहे हैं तो तैयार रहिए वह चलेगी भी.
मैंने पीएम से कहा कि लोग परेशान हैं
नोटबंदी को लेकर उन्होंने कहा कि पूरा देश लाइन में लगा हुआ है. नोटबंदी से कालाधन और भ्रष्टाचार का समाधान नहीं हुआ.पीएम मोदी से चाय पर मुलाकात हुई तो क्या चर्चा हुई, इस पर अखिलेश बोले, चाय तक नहीं रुक पाए. मैंने उनसे कहा कि लोग परेशान हैं. इस पर वह बोले- चीजें ठीक हो जाएंगी. पीएम डिजिटल लेन-देन चाहते हैं लेकिन क्या लोग तैयार हैं. क्या नोटबंदी यूपी चुनाव में चुनावी मुद्दा बनेगा इस पर अखिलेश ने कहा कि बड़े लोग लाइनों में नहीं लगे. लोकतंत्र में जनता को जो दुख देता है, मौका मिलने पर जनता भी उसे गुस्सा दिखाती है.
यूपी में राम के नाम से राजनीतिक लाभ नहीं उठा पाएंगे
एक्सप्रेस-वे, स्मार्टफोन, लैपटॉप के बीच राम मंदिर मुद्दा नहीं बनना चाहिए. आपने रामायण थीम पार्क बनाया है. इस सवाल पर अखिलेश बोले, लायंस सफारी औऱ थीम पार्क भी बनाए हैं, जो लोगों के लिए हो सकता है वह कर रहे हैं. सबके लिए काम कर रहे हैं. यूपी में लोग राम के नाम से राजनीतिक लाभ नहीं उठा पाएंगे.
कांग्रेस का साथ मिला तो यूपी में 300 से ज्यादा सीटें पा लेंगे
प्रशांत किशोर के सवाल पर अखिलेश ने बताया कि पीके कांग्रेस को आगे बढ़ा रहे थे,पता नहीं वे हमारी पार्टी को कैसे आगे बढ़ाने आ गए. लेकिन उनके सुझाव हमने सुने. उनसे मैं और नेताजी मिले थे. वैसे तो हम बहुमत की सरकार बना रहे हैं, लेकिन अगर पीके का फॉर्मुला तैयार हो जाता है तो हम 300 से ज्यादा सीटें ले जाएंगे. गठबंधन होता है तो किसी न किसी को स्वीकार करना होगा कि उसकी सीटें कम होंगी. गठबंधन में समझौता करके ही आगे बढ़ा जा सकता है. गठबंधन में अगर उनका (कांग्रेस) भी साथ मिल जाएगा तो 300 से ज्यादा सीटें हो जाएंगी. मगर ये सब नेताजी और कांग्रेस को तय करना है. समाजवादी पार्टी का बीजेपी से कभी कोई रिश्ता नहीं हो सकता.अरविंद केजरीवाल हर मुद्दे पर लड़ जाते हैं. वह दिल्ली के लिए अच्छा काम कर रहे हैं. राजधानी में ऐसा आदमी जरूरी है जो गलत चीजों के लिए रोकता रहे. नोटबंदी का चुनावों पर असर को लेकर अखिलेश बोले कि पैसा नहीं होगा तो सारी पार्टियां साइकिल पर आ जाएंगी. इससे हमारी साइकिल का ही प्रचार होगा

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