msid-53009309width-400resizemode-4mayawatiलखनऊ: अखिलेश की मेट्रो रेल से बुआ जी खुश नहीं हैं आज उन्होंने ये बता भी दिया।  बहुजन समाज पार्टी अध्यक्ष मायावती ने कहा है कि समाजवादी पार्टी सरकार को विश्वास हो चुका है कि उसकी पार्टी सत्ता में लौटने वाली नहीं है, इसलिए आपाधापी में मेट्रो रेल चलाने का श्रेय लेने के ‘ट्रायल रन’ कराकर अपनी इच्छा पूरी कर ली। मायावती ने आज यहां जारी एक बयान में कहा कि प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सपा अभियान चलाकर कागजी योजनाओं का शिलान्यास, आधी-अधूरी योजनाओं का उद्घाटन कर अपने नाम का पत्थर लगवा देने की सस्ती लोकप्रियता हासिल कर रही है। प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि लखनऊ से पहले नोएडा और गाजियाबाद में भी मेट्रो रेल का संचालन प्रारंभ किया जा चुका है, लेकिन उस समय सब कुछ परंपरा के अनुसार शालीनतापूर्वक ही किया गया था।
श्रेय लेने के लिये आधी अधूरी योजनाओं का उद्घाटन कर रही
उन्होंने कहा कि सपा को विश्वास हो चुका है कि पार्टी सत्ता में नही लौटेगी। सपा सरकार श्रेय लेने के लिये आधी अधूरी योजनाओं का उद्घाटन कर रही है। लखनऊ की महत्त्वपूर्ण मेट्रो रेल परियोजना बसपा सरकार द्वारा वर्ष 2008 में ही प्रारंभ की गई थी। इसके सारे बुनिययादी कार्य उसी बीच पूरे हो चुके थे। फरवरी 2008 में डीएमआरसी. और लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के बीच में अनुबन्ध हुआ था और इसका सरकारी गजट टेक्नीकल सर्वे जुलाई 2008 में हुआ था। अक्टूबर 2008 में एलडीए द्वारा इस परियोजना की कार्य योजना को स्वीकृत दी गई। इसके पश्चात जुलाई 2011 में इसकी डीपीआर केन्द्र सरकार को भेज दी गई थी। सपा सरकार ने इसे चलाने में साढ़े चार वर्ष का लंबा समय लगा दिया है जबकि इसके औपचारिक उद्घाटन में अभी भी काफी वक्त बाकी है।
सत्ता में आने के बाद बसपा सपा सरकार के फैसले की जांच करायेगी
मायावती ने कहा कि सपा सरकार ने नियम-कानून को ताक पर रखकर अपने मनमाने ढंग से जो भी काम किया है चाहे वह बड़े आर्थिक फैसले हों या अब तक की नियुक्तियां सत्ता में आने के बाद बसपा सब की जांच करायेगी। इसके अलावा प्रदेश में सपा द्वारा महत्वपूर्ण इलाकों में बड़ी संख्या में जमीन आदि के लेन-देन के शिकायतों की भी जांच करायी जायेगी। उन्होंने कहा कि देश में भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ नियम व कानून का एक समान रुप से लागू नहीं होना चिन्ता का विषय है। इस सन्दर्भ में विदेशी कंपनियों से धन लेने के मामले में जनता के साथ-साथ खासकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस पार्टी के खिलाफ समुचित कार्रवाई नहीं होने से यह भ्रान्ति फैल रही है कि देश में कानून को एक समान रुप से लागू नहीं किया जा रहा है। मायवती ने भाजपा और कांग्रेस को एक ही थैली के चट्टे-बट्टे बताते हुए कहा कि ये बड़े-बड़े पूँजीपतियों और धन्नासेठों के धनबल पर अपनी पार्टी चलाते हैं और सरकार बन जाने पर उनका कर्ज चुकाने के लिये उन्हीं के इशारों पर जनविरोधी कार्य भी करते हैं, जनता को ऐसी सरकारों से सावधान रहने की जरूरत हैं।

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