mayawati-21-1471775457लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कानपुर रेल दुर्घटना का हवाला देकर जनपीड़ा को देखते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख मुलायम सिंह यादव द्वारा अपना 78 वाँ जन्मदिन न मनाने के निर्णय पर सवाल खड़ा किया है। मायावती ने इस बार अपना 78 वाँ जन्मदिन पूर्व की तरह ही सरकारी जश्न के साथ पूरी शान-शौकत से नहीं मनाये जाने को मुलायम का एक दिखावटी कदम बताते हुये कहा कि वास्तव में सपा व उसके प्रमुख का यह फैसला जनपीड़ा से प्रभावित कम व नोटबन्दी के प्रभाव से ज्यादा लगता है।

गाजीपुर की सपा रैली फ्लाप साबित हुई

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव की बुधवार को गाजीपुर में हुई रैली को पूरी तरह से फ्लाप करार दिया है।
मायावती ने अपने बयान में कहा कि यह सही है कि लोग सपा के सम्बम्ध में उसकी खराब स्थिति को अच्छी तरह से समझते हैं और यही कारण है कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव की आज गाजीपुर में हुयी सपा की पहली रैली भी फ्लाप ही साबित हुई है। उन्होंने कहा कि पूरे पूर्वांचल के साथ-साथ सपा के हर सीट पर दर्जनों संभावित टिकटार्थियों के माध्यम से भीड़ जुटाने के बावजूद भी सपा प्रमुख की आज हुई पहली रैली लोगों की निगाह में फ्लाप ही साबित हुई है। इतना ही नहीं बल्कि सपा के शासनकाल में ध्वस्त कानून-व्यवस्था व हर तरफ अराजकता एवं जंगलराज से पीडि़त जनता इनके विकास के हवा-हवाई व खोखले दावों से काफी ऊब चुकी है।

सपा-भाजपा में है मिलीभगत

मायावती ने नोटबन्दी से परेशान आमजनता पर बैंकों से बाहर खड़े लोगों पर की गई लाठीचार्ज की निन्दा करते हुये कहा कि क्या प्रदेश की सपा सरकार भाजपा से अपनी अन्दरुनी मिलीभगत का एक और उदाहरण पेश करते हुये नोटबन्दी के मामले में भी भाजपा का साथ देते हुये यहां की जनता पर जुल्म-ज्यादती करेगी। उन्होंने कहा कि जबकि सपा सरकार को बैंकों के बाहर लम्बी कतारों में भूखे-प्यासे खड़े लोगों पर तरस खाकर उनसे हर प्रकार से सहानुभूति प्रकट करते हुये उनकी मदद करनी चाहिये, ना कि लाठी बरसाना चाहिये।

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