indiatvea367f_big-bazaarनई दिल्ली। शादियों के मौसम को देखते हुए केन्द्र सरकार ने लोगों को राहत की सौगात दी है। सरकार और रिर्जव बैंक ने मंगलवार को एक साथ कई कदम उठाए। नकदी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए निजी क्षेत्र की रिटेल कंपनी बिग बाजार के काउंटर से भी दो हजार रुपये निकालने की आम लोगों को सहूलियत दे दी है। तो मोबाइल एप से प्री पेड पेमेंट की सुविधा देने वाली पेटीएम जैसी कंपनियों के लिए नियमों को उदार बना दिया है। अब छोटे खुदरा व्यापारी इन कंपनियों के एप के जरिए 20 हजार रुपये तक की बिक्री कर सकेंगे। यह सीमा अभी तक दस हजार रुपये की थी। हाल के दिनों में जिस तरह से मोबाइल एप जैसे कैशलेस ट्रांसजैक्शन में बढ़ोतरी हुई है उसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

28 नवंबर तक हवाई अड्डों पर पार्किंग फ्री
एक और राहत की बात यह है कि हवाई अड्डों पर 28 नवंबर की मध्यरात्रि तक पार्किंग नहीं वसूला जाएगा। इसकी घोषणा केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय ने कर दी है। इससे पहले सरकार ने यह सुविधा 14 नवंबर तक ही दी थी। इस बीच आम जनता देशभर में फैले बिग बाजार के 258 स्टेार से 2000 रुपये तक कैश निकाल सकेगी। यह सुविधा 24 नवंबर से शुरु होगी। नोट बंदी के बाद यह पहला मौका है जब सरकार ने किसी निजी निकाय को नकदी देने के लिए अधिकृत किया है। ग्राहकों को उनके डेबिट या क्रेडिट कार्ड के आधार पर यह राशि दी जाएगी।
प्री पेड भुगतान सीमा 10 हजार से बढ़ा कर 20 हजार रुपये की
आरबीआइ की तरफ से देर रात जारी अधिूसचना में छोटे व्यापारियों के लिए प्री पेड भुगतान की सहूलियत बढ़ाते हुए कहा है कि उनकी सीमा 10 हजार रुपये से बढ़ा कर 20 हजार रुपये कर कर दी गई है। इसका सबसे ज्यादा फायदा पेटीएम, फ्रीचार्ज, ईटजकैश जैसे मोबाइल एप के जरिए होने वाली खरीद बिक्री अब ज्यादा हो सकेगी।
मोबाइल वैलेट वाली इन कंपनियों के कारोबार में पिछले 12 दिनों में 200 से 600 फीसद तक की बढ़ोतरी हुई है। स्मार्ट फोन में इस मोबाइल एप को डाउनलोड कर लोग रोजमर्रा में इस्तेमाल कर रहे हैं। सरकार के इस कदम से इनसे होने वाली खरीद बिक्री और बढ़ जाएगी। इससे दूधवाले, चायवाले या छोटा मोटा धंधा करने वाले मोबाइल से भुगतान की ज्यादा सुविधा ग्राहकों को देंगे।

सरकारी बचत योजनाओं में नहीं चलेंगे पुराने नोट
पांच सौ रुपये और 1000 रुपये के पुराने नोट डाक घर बचत योजना, पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि जैसी लघु बचत योजनाओं में राशि जमा करने के लिए स्वीकार नहीं किए जाएंगे। वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में रिजर्व बैंक और डाक विभाग को साफ निर्देश दिया है कि लघु बचत योजनाओं में राशि जमा करने के लिए पुराने नोट स्वीकार न किए जाएं। वित्त मंत्रालय ने रिजर्व बैंक, डाक विभाग, नेशनल सेविंग इंस्टीट्यूट को भेजे निर्देश में यह स्पष्ट किया है। मंत्रालय ने कहा कि लघु बचत योजनाओं के संबंध में मंत्रालय को कई लोगों से इस संबंध में प्रतिनिधित्व मिला था।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.