modi-4_1478492536ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे भारत की तीन दिवसीय यात्रा के लिए रविवार रात दिल्ली पहुंची ब्रिटेन की कमान संभालने के बाद यह थेरेसा का यूरोप के बाहर और भारत में पहला दौरा है. सोमवार को टेक समिट में नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘ब्रिटेन का भारत से गहरा नाता रहा है। भारत, ब्रिटेन में तीसरा सबसे बड़ा इन्वेस्टर है। दोनों देश मिलकर चुनौतियों का सामना करेंगे।’ ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा ने कहा कि ‘ब्रिटेन की इकोनॉमी के लिए भारतीय इन्वेस्टमेंट मददगार साबित हो रहा है।’

– पीएम मोदी ने सोमवार को टेक समिट में कहा- “थेरेसा का भारत में स्वागत है। उनका यहां आना सम्मान की बात है। उन्होंने यूरोपियन यूनियन से बाहर दौरे के लिए भारत को पहले देश के तौर पर चुना है। यह भी वाकई सम्मान की बात है।
– ” भारत ब्रिटेन में तीसरा सबसे बड़ा इन्वेस्टर है। अब भारत भी इन्वेस्टमेंट और बिजनस को लेकर काफी ओपन है।”
– “मेरा मानना है कि साइंस और टेक्नॉलजी भारत और ब्रिटेन के रिश्तों को बेहतर बनाने में मदद करेंगे। हेल्थकेयर, एनर्जी और टेक्नॉलजी कुछ ऐसे सेक्टर हैं, जो भारत और ब्रिटेन के बीच बिजनेस को बढ़ावा दे सकते हैं. भारत और यूके को मिलकर रिसर्च करनी चाहिए ताकि चुनौतियों का मुकाबला किया जा सके. दोनों देश क्लीन एनर्जी के लिए एक आरएंडडी सेंटर बनाने पर राजी हुए हैं। मुझे लगता है कि मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट दोनों देशों के रिश्तों में एक अहम रोल निभा सकता है.
इस अवसत पर थेरेसा ने कहा कि ब्रिटेन में हम इकोनॉमिक और सोशल रिफॉर्म्स पर काम कर रहे हैं। भारतीय इन्वेस्टमेंट ब्रिटेन की इकोनॉमी के लिए मददगार साबित हो रहा है। भारत-ब्रिटेन के रिश्तों में काफी क्षमता है। दोनों देशों के बीच एक खास किस्म का बॉन्ड है।

दोनों प्रधानमंत्री भारतीय बैंकों के 9000 करोड़ रुपए के कर्जदार और भगोड़ा विजय माल्या पर भी बातचीत कर सकते है. माल्या इस साल 2 मार्च से ही लंदन में हैं। माल्या के खिलाफ कई गैर-जमानती वारंट जारी हो चुके हैं। ब्रिटेन में टाटा-जैगुआर समेत करीब 800 भारतीय कंपनियां बिजनेस कर रही हैं। UK के EU से बाहर होने (ब्रेग्जिट) के बाद उन्हें कारोबार की चिंता है। भारत यह मुद्दा उठा सकता है।

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