रेल में एसी किराए में बढ़ोतरी तो पेट्रोल चार रुपए हो सकता है सस्ता
जुलाई में जनता को एक तरफ राहत मिलने वाली है तो दूसरी ओर रेल किराए में बढ़ोतरी की गाज गिरने वाली है। पेट्रोल चार रुपए तक सस्ता होने की सम्भावना है तो एक जुलाई से रेल में एसी क्लास की तीनों श्रेणियों और फस्र्ट क्लास में सफर करना 3.6 प्रतिशत महंगा होने की आशंका है। रेलवे को इन श्रेणियों पर मिलने वाली सर्विस टैक्स की छूट इसी महीने खत्म हो रही है। वित्त मंत्रालय इस छूट आगे भी जारी रखे इसकी संभावना बहुत कम है। यह छूट खत्म होने से रेलवे पर 5,500 से छह हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा। रेलवे इस बोझ को झेलने की हालत में नहीं है। ऐसे में किराया बढ़ाना जरूरी है। वित्त मंत्री पद से इस्तीफा देने से पहले प्रणब मुखर्जी ने रेल सेवाओं पर सर्विस टैक्स को 30 जून से आगे बढ़ाने का कोई उपाय नहीं किया है। ऐसे में एक जुलाई से यह लागू हो जाएगा, जिससे एसी दर्जे के किरायों के अलावा माल भाड़े में भी 3.6 फीसद की बढ़ोतरी हो जाएगी।
तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने जब दिनेश त्रिवेदी की जगह मुकुल राय को रेल मंत्री बनवाया था तो उस वक्त संप्रग सरकार में उनका दबदबा था। लिहाजा मुकुल राय ने न केवल त्रिवेदी की किराया वृद्धि को रद कर दिया था, बल्कि एसी दर्जो के टिकटों व माल भाड़े पर सर्विस टैक्स लगाने के वित्त मंत्रालय के प्रस्ताव को भी एक अप्रैल के बजाय 30 जून 2012 तक टलवाने में कामयाब रहे थे। यह तारीख अब नजदीक है। इस बीच मुकुल राय प्रणब मुखर्जी को बाकायदा चि_ी लिखकर सर्विस टैक्स को और आगे खिसकाने के लिए अनुरोध कर चुके हैं। लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। जबकि इससे पहले 2009-10 से अब तक छह बार वित्त मंत्रालय रेल सेवाओं पर सर्विस टैक्स को टाल चुका है। खास बात यह भी है कि कई अन्य मंत्रालयों से संबंधित कुछ सेवाओं पर सर्विस टैक्स टालने का अनुरोध वित्त मंत्रालय ने मान लिया है और इस संबंध में सर्कुलर भी जारी किए जा चुके हैं। लेकिन रेल मंत्रालय की मांग पर चुप्पी है। ऐसे में माना जा रहा है कि राष्ट्रपति चुनाव में ममता का अडिय़ल रुख ही इसकी वजह है। ममता प्रणब मुखर्जी की उम्मीदवारी का समर्थन करने को अब तक तैयार नहीं हुई हैं और राष्ट्रपति चुनाव में अपने रुख को लेकर उन्होंने चुप्पी साध ली है। गनीमत यह है कि रेल सेवाओं पर सर्विस टैक्स की दर सामान्य 12 प्रतिशत के बजाय केवल 3.6 फीसद है। यह सिर्फ थर्ड एसी, सेकेंड एसी, एसी चेयरकार, फस्र्ट एसी और फ?स्र्ट क्लास के किरायों तथा माल भाड़ों पर लागू होना है। यानी 100 रुपये के किराये-भाड़े पर 3 रुपये 60 पैसे अथवा हजार रुपये पर 36 रुपये की बढ़ोतरी। इससे वित्त मंत्रालय को लगभग 5000 करोड़ की कमाई होगी, क्योंकि यह रकम रेलवे उसी को सौंप देगा। अनाज, नमक जैसी चुनिंदा वस्तुओं पर यह लागू नहीं होगा। जबकि माल भाड़े में 20 फीसद और पार्सल दरों में 25 फीसद का इजाफा पहले ही हो चुका है। इस बाबत रेल मंत्रालय के प्रवक्ता अनिल सक्सेना ने कहा कि अभी तक वित्त मंत्रालय से सर्विस टैक्स में छूट को टालने की कोई सूचना नहीं है। लेकिन रेल मंत्रालय ने पहली जुलाई से सर्विस टैक्स लागू होने का कोई सर्कुलर भी अभी जारी नहीं किया है। अभी तीन दिन बाकी हैं। इस बीच कुछ हुआ तो ठीक, वरना एक जुलाई से सर्विस टैक्स स्वत: लागू हो जाएगा।
रेल किराए में बढ़ोतरी के बीच पेट्रोल सस्ता होने की सम्भावना है। महंगाई से त्रस्त जनता को पेट्रोल के दामों में कटौती की सौगात मिल सकती है। उम्मीद की जा रही है कि तेल कंपनियां एक जुलाई से इसकी कीमत में 4 रुपए की कमी कर सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी आई है। जिसका फायदा आम जनता को भी मिल सकता है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत पहले के 115 डालर प्रति बैरल के मुकाबले जून के शुरू में 99 डालर प्रति बैरल तक गिर गई है। इसी दौरान तेल कंपनियों ने लगभग दो रुपये की कटौती की थी। उम्मीद की जा रही है कि जुलाई में होने वाली इस कटौती से ग्राहकों को काफी राहत मिल जाएगी।

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