कहा मुझे चारे की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है

Saniya Mirzaaलगता है कि इन दिनों पेस के सितारे ठीक नहीं चल रहे हैं। न तो उनके साथ भूपति खेलने को तैयार है और न ही बोपन्ना। वाइल्ड कार्ड के जरिए ओलम्पिक में इंट्री पाई सानिया मिर्जा ने भी पेस पर निशाना साधा है|

लंदन ओलंपिक के लिए वाइल्ड कार्ड से प्रवेश पाने वाली टेनिस स्टार सानिया मिर्जा ने अपनी भड़ास निकालते हुए कहा कि उन्हें मिश्रित युगल स्पद्र्धा में लिएंडर पेस के साथ जोड़ी बनाने में कोई समस्या नहीं है, लेकिन उन्होंने खुद को चारे की तरह इस्तेमाल करने के लिए एआइटीए को आड़े हंाथों लिया। सानिया के अलावा सोमदेव देवबर्मन को भी वाइल्ड कार्ड के साथ ओलंपिक में इंट्री दी गई|

अनुभवी रश्मि चक्रवर्ती के साथ महिला युगल स्पद्र्धा के लिए वाइल्ड कार्ड से प्रवेश पाने के बाद सानिया ने कहा कि मुझे उस खिलाड़ी के साथ खेलने के लिए मजबूर किया गया, जिसके साथ मैं खेलना नहीं चाहती थी। उन्होंने कहा कि मेरे साथ यह अपमानजनक व्यवहार देश में टेनिस का नियंत्रण करने के लिए सर्वाेच्च संस्था ने किया है। भूपति के साथ मिश्रित युगल में फ्रेंच ओपन जीतने वाली सानिया के अनुसार पेस ने उनके साथ जोड़ी बनाने को लेकर लिखित आश्वासन मांगा था। एआइटीए ने पेस की इच्छा के खिलाफ लंदन ओलंपिक के लिए पुरुष युगल में 206वीं रैंकिंग वाले विष्णु वर्धन के साथ उनकी जोड़ी बना दी। लेकिन उन्हें आश्वासन दिया गया कि वह मिश्रित युगल स्पद्र्धा में सानिया के साथ जोड़ी बनाएंगे। एआइटीए को महेश भूपति और रोहन बोपन्ना की मांग के सामने झुकने पर बाध्य होना पड़ा। जिससे उसे लंदन के लिए दो टीमों को भेजने का फैसला करना पड़ा, जबकि शुरू में पेस और भूपति की एकमात्र जोड़ी को चुना गया था। एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता सोमदेव देवबर्मन को भी पुरुष एकल में वाइल्ड कार्ड मिल गया है, जिससे इस बार भारत का ओलंपिक में यह सबसे बड़ा टेनिस दल होगा। सानिया मिश्रित युगल स्पद्र्धा में भी भाग ले सकेंगी, जिसमें भारत को पदक की उम्मीद है। सानिया के वाइल्ड कार्ड से अब सभी की नजरें लिएंडर पेस पर लगी होंगी, जिन्हें पुरुष युगल टीम में चयन विवाद के बाद अपनी ओलंपिक हिस्सेदारी पर फैसला करना है। अगर एआइटीए का समझौते वाला फॉर्मूला कारगर रहा तो पेस को अपनी इच्छा के विपरीत पुरुष युगल स्पद्र्धा में 206 रैंकिंग वाले विष्णु वर्धन के साथ खेलना पड़ेगा और वह मिश्रित युगल में सानिया के साथ जोड़ी बनाएंगे। पेस ने हालांकि इस समझौते पर अपनी सहमति नहीं दी थी, जिससे इस तरह की अटकलें भी लगाई जा रही थीं कि क्या यह अनुभवी टेनिस खिलाड़ी लंदन ओलंपिक खेलों का बहिष्कार करने की अपनी धमकी पर बरकरार रहेगा या नहीं|

अखिल भारतीय टेनिस संघ को आइटीएफ अध्यक्ष फ्रांसेस्को रिकी बिट्टी से पत्र मिला है, जिसमें उन्होंने सानिया और रश्मि को महिलाओं की युगल स्पद्र्धा, जबकि सोमदेव को पुरुष एकल में वाइल्ड कार्ड प्रदान किया है। इन खिलाडिय़ों की हिस्सेदारी की पुष्टि होने से लंदन में भारत के अब सात टेनिस खिलाड़ी कोर्ट पर उतरेंगे। चार खिलाडिय़ों लिएंडर पेस, महेश भूपति, रोहन बोपन्ना और विष्णुवर्धन का चयन पिछले सप्ताह एआइटीए ने किया था। अब देखना यह है कि टेनिस खिलाडिय़ों के बीच यह विवाद कब सुलझता है। कहीं ऐसा न हो कि हम विवादों के चक्कर में कहीं ओलम्पिक में पदक से हाथ न धो बैठे|

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