muharramबाराबंकी। मुलिस्म तुष्टिकरण और वोट बैंक के चक्कर में सपा के विधायक कुछ न कुछ ऐसा कर रहे हैं जिससे उनकी किरकिरी हो रही है। मेरठ में सर्जिकल स्ट्राइक का श्रेय लेने की होर्डिंग को लेकर हो रही पार्टी की निंदा का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ कि बाराबंकी में सपा के एमएलसी और मुख्यमंत्री के करीबी राजेश यादव उर्फ राजू की ओर मोहर्रम को लेकर लगाई एक होर्डिंग ने विवाद पैदा कर दिया है। दरअसल, होर्डिंग में दशहरा और दीवाली के साथ-साथ मुहर्रम की शुभकामनाएं दी गईं हैं। खास बात यह है कि होर्डिंग में सपा मुखिया मुलायम सिंह और मुख्यमंत्री अखिलेश के साथ-साथ इस होर्डिंग में एमएलसी ने स्थानीय नेताओं को भी जगह दी है। होर्डिंग को लेकर मुस्लिम धर्मगुरुओं में खासा रोष है।

होर्डिंग पर प्रतिक्रिया देते हुए बाराबंकी के शहर इमाम मौलाना अबुजर ने कहा कि इस्लाम में मोहर्रम की बधाई का कोई स्थान नहीं है। यह एक एहतेराम और इबादत का महीना है, इसमें ज्यादा से ज्यादा इबादत होनी चाहिए। अगर कोई ऐसी बधाई देता है, तो वह पूरी तरह से गलत है।

वहीं, बाराबंकी में वरिष्ठ समाजवादी नेता मोहम्मद वसीम राईन ने कहा कि इस्लाम में मोहर्रम की बधाई नहीं होती है, लेकिन शायद एमएलसी साहब को इसकी जानकारी नहीं है, वर्ना वह ऐसा नहीं करते। यह अज्ञानता वश हुआ है। वहीं, भाजपा नेता विवेकानंद पांडेय ने कहा कि इन नेताओं को पता ही नहीं है कि मोहर्रम में बधाई दी जाती है या नहीं। सपा हमेशा से मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति करती है और ये होर्डिंग उसी का परिणाम है। हम सब बचपन से देखते आ रहे हैं कि मोहर्रम में मुस्लिम भाई मातम मनाते दिखाई देते हैं और इस गमी के महीने में बधाई देना घोर अज्ञानता है।

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