स्पीड से स्पीड ब्रेकर पार करना पड़ रहा भारी

सडक़ पर गड्ढ और ब्रेकर पर बिना स्पीड कम किए फर्राटे मारते हुए निकलना युवाओं को अब भारी पड़ रहा है। अनजाने में वे शरीर में हल्के दर्द से शुरू होने वाली ग भीर बीमारियों की चपेट में फंसते जा रहे हैं। इन बीमारियों का समय पर उपचार नहीं होने पर लकवा होने या किसी अंग के काम बंद कर देने की समस्या भी हो सकती हैं। सबसे ज्यादा स्लिप डिस्क (स्पाइन की वर्टीब्री की डिस्क का खिसक जाना) की समस्या हो रही है जो रीढ़ की हड्डी में अचानक झटके लगने के कारण होती है। रीढ़ हड्डïी में इस प्रकार के झटके बाइक चलाते समय सबसे ज्यादा लगती है। स्पीड में बाइक चलाते समय बार बार ब्रेकर, गड्ढïे पार करने पर जकडन, जोड़ों में दर्द, पीठ व गर्दन में दर्द व रीढ़ की हड्डी में दर्द जैसी समस्याएं होती हैं।

सीतापुर रोड स्थित स्पाईन क्लीनिक के डॉ. एससी श्रीवास्तव की माने तो समय की कमी और ज्यादा काम व ऑफिस पहुंचने की जल्दबाजी के चक्कर में युवा बाइक स्पीड से चलाते हैं और ब्रेकर और गड्ढ का भी ध्यान नहीं रख रहे। जिसके कारण युवा कमर का दर्द या रीढ़ की हड्डïी के दर्द के शिकार होते जा रहे हैं। ऑफिस में बैठने की आरामदायक व्यवस्था न होना भी इसके लिए एक कारण हो सकता है। ओपीडी में युवा सं या में अपनी इन समस्याओं को लेकर पहुंच रहे हैं। पहले जो बीमारी 50 साल की उम्र वाले लोगों को होती थी वही अब 25 से 35 वर्ष उम्र वाले युवाओं को हो रही है।
डॉ. एससी श्रीवास्तव की माने तो ओपीडड में आने वाले 70 प्रतिशत से ज्यादा युवा कमर दर्द से परेशान हैं। अगर युवाओं ने बीमारी को नजरअंदाज किया तो उन्हें सर्वाइकल, स्पांडिलाइटिस, स्लिप डिस्क जैसी ग भीर समस्याएं होने की आशंका बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि कमर या रीढ़ की हड्डïी के दर्द को इग्नोर न करें। दर्द होने, पैरों में सुईयां सी चुभती महसूस होने, मसल्स में वीकनेस लगने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। समय रहते इस दर्द का इलाज जरूरी है अन्यथा यह जीवन भर उठते बैठते सताएगा। सही इलाज और नियमित व्यायाम से इसे ठीक किया जा सकता है।

इन बातों का रखें ध्यान
डॉ. एससी श्रीवास्तव ने बताया कि कुर्सी पर सीधे बैठें। क प्यूटर पर घंटों काम करते हैं तो थोड़ी थोड़ी देर में उठकर टहल लें। फिर काम करें। डॉक्टर से पूछकर रोज व्यायाम करें। मोटरसाइकिल धीमी गति से चलाएं ताकि सामने कोई गड्ढा आ जाए तो आप उससे शरीर को बचाने के लिए पहले से तैयार रहें। बाइक चलाते समय सीधे बैठें और हाथ पैर, गर्दन आदि अकड़ कर नहीं रखें। इससे शरीर में अनावश्यक खिंचाव हो सकता है और जरा सा भी झटका लगने से परेशानी हो सकती है।
– दुपहिया वाहन चलाते समय आईएसआई मार्क वाला हेलमेट जरूर लगाए।
-चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट बांधना न भूले। सीट पर सीधे बैठे। गियर, ब्रेक व एक्सीलेटर पर पैर सामान्य स्थिति में रखे ताकि झटका लगने से बचा जा सके।
– स्पीड ब्रेकर पर वाहन बहुत धीमी गति से निकालें। खासकर उन स्थानों से जहां एक ही स्थान पर एक से ज्यादा स्पीड ब्रेकर हो।

सीतापुर रोड स्थित स्पाईन क्लीनिक के डॉ. एससी श्रीवास्तव का सम्पर्क नम्बर 9450021162, o522 2759709

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