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चीन की मोबाईल निर्माता कंपनी व हुआवे का मैन्युफैक्चिरंग यूनिट के द्वारा भारत में विनिर्माण शुरू किये जाने से चीन की सरकारी मीडिया ने चिंता जताई। उसने बिजींग को अगाह करते हुए कहा कि उत्पादन को ट्रान्सफर करने से रोजगार कटौती को लेकर उसे ससतर्क हो जाना चाहिए।

चीन के सरकारी मीडिया के मुताबिक अखबार में प्रकाशित खबर में कहा गया है कि अगर भारत में मोबाईल विनिर्माण आधार भारत ट्रान्सफर होता है तो चीन में नौकरीयों में कटौती होगी। दुनिया की दूसरी सबसे बडी अर्थव्यवस्था और भारत में इससे प्रसंशा बढने के बीच चीन ने चिंता जताई है। और सरकारी अखबार में साफ कहा गया है कि चीन इसको कभी झेल नही पायेगी।

देश का पूरा खजाना भरा हुआ

भारत में पिछले साल दिसंबर के अंतिम तक इलेक्ट्रानिक विनिर्माण क्षेत्र में 1.14 लाख करोड का प्रस्ताव आया था। जिसमें से 15 प्रस्ताव मोबाइल कंपनीयों के थे। के थे। भारत में 40 मोबाइल कारखानो की शुरूवात दो साल के अंदर ही हो गयो। 30 हजार से ज्यादा लोगो को भारत में रोजगार मिला। 10 से 12 और कारखानों के लगाने की तैयारी फॉक्सकॉन कर रही है। फॉक्सकॉन के कारखानों के लगने से 1 लाख तक रोजगार और मिलेगा।

मेक इन इंडिया का बढता आकर्षण

वीवो कंपनी ने 2000 रोजगार, लेनेवो ने 1500, वनप्लस कंपनी ने 1000, ओप्पो ने भी 1000 और लीइको कंपनी ने 200 रोजगार दिये।

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