rail budget

केंद्रीय मंत्रिमंडल रेल बजट को आम बजट में मिलाने के प्रस्ताव पर बुधवार को मंजूरी मिल गई। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक आज है जिसमें इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के साथ ही रेल बजट की 92 साल की पुरानी परंपरा समाप्त हो गई। रेल संबंधी वित्तीय योजनाएं और खर्चे आदि संबंधी मामले आम बजट से 1924 में अलग कर दिए गए थे।

इस प्रस्ताव पर रेल मंत्री सुरेश प्रभु पहले ही अपनी सहमति दे चुके थे। कैबिनेट की बैठक में प्रभु और रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ए के मित्तल भी शामिल थे।

सूत्रों के अनुसार सरकार संसद का बजट सत्र 25 जनवरी 2017 से पहले बुला सकती है। एक फरवरी को आम बजट पेश करने से एक दो दिन पहले आर्थिक समीक्षा पेश की जा सकती है। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अग्रिम अनुमान आंकड़े अब फरवरी के बजाय सात जनवरी को पेश किये जा सकते हैं। विभिन्न मंत्रालय अब व्यय की मध्यवर्षीय समीक्षा 15 नवंबर तक पूरी कर सकते हैं।

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