फ‍िल्‍म फेस्टिवल 
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– गांव और कस्‍बों की ओर सिनेमा के क्रम में 12-14 अक्टूबर तक सजेगा सिनेमा का मेला
-‘फिल्म लैंड’ चंबल के बीहड़ों में इस दौरान जुटेंगी देश-विदेश की फ‍िल्‍मों से जुड़ी शख्सियतें
– जगम्मनपुर और पांच नदियों के संगम पचनद पर सिनेमा से जुडे लोगों का होगा जमावड़ा

औरैया : अपने खूबसूरत प्राकृतिक सौंदर्य के लिए विश्‍व विख्‍यात यमुना चंबल के बीहडों में एक बार फ‍िर सिनेमा का संसार उतरने जा रहा है। के. आसिफ चंबल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के तीसरे संस्करण में प्रदर्शित की जाने वाली फिल्मों की सूची ज्यूरी की ओर से जारी कर दी गई है। चंबल अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह के लिए इस बार 14 देशों की 113 फिल्में विभिन्न श्रेणी में संस्‍था को मिली थीं। जिनमें फीचर फिल्म, शार्ट फिल्म, डाक्यूमेंट्री और एनिमेशन फिल्में शामिल हैं।

इस बार कई इंटरनेशनल अवार्ड विनिंग फिल्मकारों ने अपनी फिल्में आयोजन के लिए भेजी हैं। देश-विदेश की 113 फिल्मों में से ज्यूरी टीम ने 67 फिल्मों का चयन किया है। चयनित हुई इन 67 फिल्मों में से 36 फिल्में तीसरे चंबल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में सिने प्रेमियों के लिए प्रदर्शित की जाएंगी। चंबल इन्टरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की ज्यूरी टीम में तेलुगू और हिंदी के मशहूर अभिनेता निर्देशक आदित्य ओम, अल्बानिया के वाल्मिर टेरटिनी और हिंदी के जाने माने निर्देशक कृष्णकांत पंड्या के साथ इस फेस्टिवल के ज्यूरी चेयरमैन पुरस्कृत निर्देशक मोहन दास शामिल हैं।

गौरतलब है कि टिराना, अल्बानी स्थित फिल्म निर्देशक वाल्मिर टेरटिनी अपनी फिल्मों के लिए काफी सारे अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड्स प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रीस्टीना से मीडिया आर्ट्स में हायर स्टडीज से की। इसके बाद फिल्म एंड टेलीविज़न में अकादमी ऑफ़ आर्ट्स टिराना से मास्टर डिग्री हासिल की। वाल्मिर टीवी और फिल्म सम्बंधित लेख लिखते हैं जो कोसोवो, अल्बानिया और मकदूनिया में काफी चर्चित रहे हैं। वाल्मिर की फ‍िल्‍मी परियोजनाएं अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर काफी चर्चित रहे हैं और अब तक 22 पुरस्‍कार वह जीत चुके है। उन्होंने यूरोप में 7 आर्ट और सिनेमा में वर्कशॉप्स भी संचालित किये हैं और उनकी सिनेमा और सरोकार विषयों पर चार किताबें भी प्रकाशित हो चुकी हैं।

वहीं जाने माने हिंदी फिल्म निर्देशक कृष्णकांत पंड्या अपने निर्देशन का लोहा ‘बेदर्दी’ और ‘पनाह’ जैसी फिल्मों में दिखा चुके है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत सूर्या, हत्या, लव 86, झूठा सच, दिल आखिर दिल है, थोडी सी बेवफाई जैसे फिल्मों से कर चुके हैं। इसमें या तो कृष्णकांत स्‍वयं असिस्टेंट डायरेक्टर थे या फिर चीफ एसोसिएट डायरेक्टर, तमाम मेगा सीरियल्स के बाद बेदर्दी और पनाह के निर्देशन में ये अपनी छाप छोड़ चुके। फिलहाल एक और नई फिल्म परियोजना पर काम कर रहे हैं। ज्यूरी के सदस्य आदित्य ओम की तेलगू-हिन्दी में बतौर अभिनेता-निर्देशक दर्जनों फिल्में रिलीज हो चुकी हैं। ज्यूरी चेयरमेन मोहन दास भी चर्चित फिल्म निर्माता-निर्देशक हैं। जिन्हें फिल्म निर्माण के लिए तमाम पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

फेस्टिवल के संस्थापक और दस्तावेजी फिल्मकार शाह आलम ने बताया कि यह आयोजन पं. परशुराम द्विवेदी पी.जी. कालेज, जगम्मनपुर के सभागार में आयोजित किया जा रहा है। तीन दिवसीय यह आयोजन आगामी 12-14 अक्टूबर के बीच यमुना चंबल के बीहडों में आयोजित हो रहा है। समारोह में देश-विदेश में बनी सरोकारी फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी साथ ही स्‍थानीय लोक परंपरओं पर आधारित विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये जाएंगे। फिल्म समारोह का उद्धाटन दोपहर 12 बजे दिन से होगा। समारोह में कोई भी व्‍यक्ति प्रतिभाग कर सकता है।

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