कुशीनगर – नारायणी नदी अपने नियति के मुताबिक पानी का डिस्चार्ज कम होने पर तलवार की धार की तरह कटान करना शुरू कर देती है। ठीक, वही स्थिति आज तीन दिन से अमवाखास बांध के किमी 7.800 व किमी 800 सौ पर बनी हुई थी। जिसके चलते शनिवार के रात्रि 2 बजे से नारायणी नदी अमवाखास मेन बाध को बचाने के लिए बनाए गए एक किमी लम्बा रिंग बाध बनाकर मेन बांध को सुरक्षित किया था।

जिसको तेजी से काटना शुरू कर दी और देखते ही देखते रिंग बांध के दो सौ मीटर भाग को काट कर मेन बांध में सट कर कटान शुरू कर दी है, जिसको बचाने के लिए सिचाई बिभाग द्वारा युद्ध स्तर पर बोल्डर गिराकर रोका जा रहा है लेकिन नदी का रुकने का नाम नही ले रही है।रिंग बाध कटने के चलते बाध के किनारे बसे तीस रिहायशी झोपड़िया नदी में विलीन हो गई है तो कुछ लोग सुरक्षित स्थान पर जा रहे है।

सिंचाई विभाग द्वारा बीते वर्षों में रिंग बाँध का निर्माण कराया गया।जिस से मेन बाँध को सुरक्षा प्रदान होगा।लेकिन 19 बर्षो में उक्त रिंग बांध की मरम्त कार्य न करने के चलते रिंग बाध जर्जर स्थिति में हो गया था जब नदी में पानी का डिस्चार्ज घटना बढ़ाना सुरु हुआ तो नदी अपना खतरनाक रूप धारण करते हुए पछले तीन दिनों से अमवाखास मेन बाध को बचाने के लिए बनाए गए स्पर व रिंग बाध पर भीषण कटान कर रही थी जो शनिवार को नदी अपना रौद्र रूप धारण करती हुई रिंग बाध की दो सौ मीटर भाग को अपने आगोश में लेती हुई मेन बांध के समीप आगई और रिंग बांध के किनारे झोपड़ी बना कर रहे रहे तीस परिवार के घर को अपने आगोश में ले ली है।

इनके नदी में विलीन हुए घर बरवापट्टी- नारायणी के आगोश में जगदेव इन्दल शम्भू सुरेन परशुराम सुकवरिया अमीरका अजित सुजीत भोला रामअधार लालती देबी डेलिया देर्व शिवनाथ राजेश रामआसरे फूलमती देबी हेमन्त अमला बासमती आलोक हीरा राजकुमार फूलमती बढ़ाई आदि तीस लोगो का घर नदी में विलीन हो गया जिसकी सूची राजस्व बिभाग ने तहसील प्रसाशन को देने की बात कही।

बंधे को बचाने के लिये सरकार लापरवाही कर रही हैं:विधायक –  कटान को लेकर विधायक व नेता कांग्रेस विधानमंडल अजय कुमार लल्लू ने जोरदार हमला बोलते हुए कहा की प्रदेश व केंद्र सरकार को बांध के किनारे बसे गरीब लोगों की दुर्दशा की कोई परवाह नही है और न ही बांध को लेकर सरकार गम्भीर है।जिसके चलते हर साल बाढ़ की तबाही बंधे के किनारे बसे लोग झेलते आ रहे है।बरवापट्टी से लेकर अहिरौलीदान तक बंधे की समस्या को बिधानसभा में आवाज उठाया हुं। लेकिन सरकार को गरीबों की आवाज सुनाई नही देती हैं।

मुख्य बांध को बचाने के लिए हरस्तर पर प्रशासन लगा हुआ है:डीएम  – जिलाधिकारी डा०अनिल कुमार सिंह ने कहा कि सिचाई बिभाग के एक्सीएन सहित बिभाग की पूरी टीम लगी हुई है मेन बांध को हर हाल में बचाने का निर्देश भी दिया गया है। बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है तथा जीन लोगो का घर नदी में विलीन हो गया है सूची बनाकर पीड़ीतो को मदद तत्काल दी जायेगी।

रिपोर्ट – न्यूज नेटवर्क 24

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