विदेशी एयरलाइंस अब ऐपल के कुछ प्रॉडक्टस पर यूरोप और अमेरिकन एयरलाइंस नियमों के अनुसार भारत में भी बैन लगाने जा रही हैं। मिली जानकारी के मुताबिक बैटरी में आग लगने के खतरे को देखते हुए चेक इन और केबिन बैग में ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। बता दें कि इस साल जून में ऐपल ने 2015 से 2017 के बीच में सेल किए गए मैकबुक प्रो लैपटॉप की यूनिट्स को रिकॉल किया गया था।

कंपनी ने 15 इंच के लैपटॉप को बैटरी से जुड़ी समस्याओं के चलते वापस बुलाए थे। कंपनी ने कहा कि इन लैपटॉप की बैटरी ओवरहीट कर सकती है और जिससे आग लगने का खतरा भी है। इन नियमों के तहत ऐपल के मैकबुक प्रो के कुछ मॉडल्स को विमान में लाने-ले जाने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। उधर, ऐपल ने पुरानी जनरेशन के 15 इंच मैकबुक प्रो मॉडल्स को मार्केट से वापस लेने का ऐलान किया है। सितंबर 2015 से फरवरी 2017 के बीच में इन मॉडल्स की बिक्री विशेष तौर पर काफी अधिक हुई थी।

कई एयरलाइंस ने ऐपल प्रॉडक्ट पर लगाया बैन
यूरोपियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी और यूएस फेडरल एविएशन ऐडमिनिस्ट्रेशन ने ऐपल लैपटॉप ले जाने पर बैन लगा दिया है। इस महीने की शुरुआत में ही यह बैन लागू किया गया है। सिंगापुर एयरलाइंस और थाई एयरवेज ने भी इस बैन को अपने यहां लागू कर दिया है। सिंगापुर एयरलाइंस ने अपनी वेबसाइट पर नोटिस लगाया है, ‘यात्री अपने साथ ऐपल लैपटॉप विमान में न तो हैंडबैग में और न ही चेक इन बैग में लेकर जा सकते हैं।

बैटरी को जब तक सुरक्षित नहीं घोषित किया जाएगा, या फिर कंपनी द्वारा बैटरी को बदला नहीं जाएगा यह बैन प्रभावी रहेगा।’ इससे पहले 2016 में सैमसंग गैलक्सी नोट 7 के विमान में ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया था। हालांकि, ऐपल के मैकबुक प्रो 15 इंच के मामले में अभी तक न तो किसी घरेलू एयरलाइंस कंपनी ने और न ही डीजीसीए की ओर से प्रतिबंध लगाया है। बहुत से विशेषज्ञ अभी तक इस पर हैरान हैं कि रिस्क को देखते हुए भी ऐसा बैन क्यों नहीं लगाया गया है?

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