सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को लेकर केंद्र सरकार की मांग को खारिज कर दिया है। केंद्र सरकार ने एनआरसी को दोबारा कराने और फिर से जांच करने की मांग की थी।

इस मांग को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एनआरसी डाटा में आधार की तरह गोपनीयता बनाए रखी जाएगी और 31 अगस्त को फाइनल एनआरसी प्रकाशित होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर कोई भी अभिभावकों में से कोई एक संदेहास्पद वोटर है, या विदेशी घोषित किया गया है, या केस लड़ रहा है, उसका बच्चा 3 दिसंबर 2004 को पैदा हुआ है, तो वह एनआरसी के दायरे से बाहर होगा।

अवैध प्रवासियों की सुनवाई जिस ट्रिब्यूनल में चलेगी, उसके खिलाफ अपील गुवाहाटी हाईकोर्ट में की जा सकेगी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की आखिरी सूची जारी करने की तारीख बढ़ा दी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने एनआरसी की सूची जारी करने की तारीख अब 31 अगस्त कर दी है. पहले ये डेडलाइन 31 जुलाई तक थी।

सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला एनआरसी कॉर्डिनेटर की उस अपील के बाद आया था, जिसमें उन्होंने मांग की थी कि नयी सूची व्यापक और सही हो इसके लिए जरूरी है कि इसमें सभी वैध व्यक्तियों के नाम जोड़े जाएं और अवैध व्यक्तियों के नाम हटाए जाए, इसके लिए और समय की जरूरत है।

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