जम्मू कश्मीर के मुद्दे को लेकर अमेरिका ने नया बयान दिया है और कहा है कि कश्मीर का मसला भारत-पाक के द्विपक्षीय मसला है। कश्मीर के मुद्दे पर अमेरिका ने अपना रुख साफ करते हुए कहा कि, इस मसले पर अमेरिका कोई दखल नहीं देगा और अमेरिका ने साथ ही मध्यस्थता कराने से भी साफ इंकार कर दिया है। भारतीय राजदूत हर्षवर्धन सिंगला के हवाले से ये खबर आई है।

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि, मध्यस्थता का फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ में है। अगर भारत-पाक चाहेंगे तो मैं इस मुद्दे पर जरूर हस्तक्षेप करूंगा।

इसके बाद भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी समकक्ष माइक पोम्पियो से मुलाकात की। जयशंकर ने ट्वीट कर बताया कि उन्होंने पोम्पियो से साफ कहा है कि कश्मीर पर कोई भी चर्चा सिर्फ पाकिस्तान के साथ होगी और वह भी द्विपक्षीय तरीके से।

इससे पहले ट्रम्प ने 22 जुलाई को इमरान के साथ वॉशिंगटन में साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि मोदी ने कश्मीर मामले पर मध्यस्थता के लिए मुझसे कहा था। उस वक्त भारत ने ट्रम्प के दावे को नकार दिया था। तब भी विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद में कहा था कि कश्मीर मुद्दे को सिर्फ पाक के साथ चर्चा के जरिए ही सुलझाया जाएगा।

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