पाकिस्तान सरकार ने ‘से नो टू इंडिया’ (भारत को कहो ना) का राष्ट्रीय नारा ईजाद किया है। इसके तहत पाक ने नई दिल्ली के साथ सभी सांस्कृतिक आदान-प्रदानों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। इसमें दोनों देशों के मनोरंजन उद्योग भी शामिल हैं। मीडिया ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। समाचार पत्र डॉन के अनुसार, इस नारे की लॉन्चिंग सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा गुरुवार को की गई।

सूचना एवं प्रसारण मामले में प्रधानमंत्री की विशेष सहायक डॉ. फिरदौस आशिक एवान ने गुरुवार को कहा, “सभी प्रकार की भारतीय कंटेंट को रोक दिया गया है और पेमरा (पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी) को भारतीय डीटीएच उपकरणों की बिक्री के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ इस संबंध में सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है।”

एवान द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें मीडियाकर्मियों से उन्होंने कहा कि यह कदम भारत सरकार के जम्मू एवं कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म करने के फैसले के मद्देनजर उठाया गया है, जिसके तहत राज्य को विशेष दर्जा प्राप्त था। उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने किसी भी प्रकार की भारतीय कंटेंट की जांच करने के लिए एक समूह स्थापित करने का निर्णय लिया है।

समाचार पत्र डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने देश में भारतीय फिल्मों की स्क्रीनिग पर भी रोक लगा दी है। एवान ने ट्वीट कर कहा, पाकिस्तानी सिनेमा में किसी भी भारतीय फिल्म की स्क्रीनिंग नहीं की जाएगी। पाकिस्तान में नाटक, फिल्में और भारतीय कंटेंट पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं। पाकिस्तान द्वारा पहली बार भारतीय फिल्मों के प्रसारण को प्रतिबंधित नहीं किया गया है।

इससे पहले फरवरी में भी पाकिस्तान फिल्म एक्जीबिटर्स एसोसिएशन ने भारतीय फिल्मों का बहिष्कार किया था और घोषणा की थी कि खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बालाकोट क्षेत्र में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के आतंकी लॉन्च पैड पर भारतीय लड़ाकू विमानों द्वारा बमबारी करने के विरोध के तौर पर देश में कोई भी भारतीय फिल्म रिलीज नहीं होगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.