संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया है। यूएनएससी की अध्यक्ष जोआना रोनक्का ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 में किए गए बदलाव पर अपनी प्रतिक्रिया देने से साफ इनकार कर दिया है। इस मामले में पाकिस्तान ने यूएनएससी को खत लिखकर दखल देने की मांग की थी। यूएन ने साथ ही पाकिस्तान को 1972 शिमला समझौते का रास्ता भी दिखाया है।

बता दें कि यूएन में पाकिस्तान के दूत मलीहा लोधी ने मामले में यूएन से हस्तक्षेप की मांग की थी। मलीहा लोधी ने कहा कि मैंने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेश के चीफ स्टाफ मारिया लुईसा रिबेरो वियोटी से मुलाकात की। उनके सामने कश्मीर पर भारत के फैसले के बारे में जानकारी दी और कहा कि सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का अनुपालन कराने के लिए संयुक्त राष्ट्र को दखल देना चाहिए। मगर पाकिस्तान की यह उम्मीद भी टूट गई है।

इस समय पाकिस्तान सरकार को किसी भी देश का समर्थन नहीं मिल रहा है। पड़ोसी देशों में मलेशिया और श्रीलंका ने इसे भारत का अंदुरूनी मामला बताया है। वहीं अमरीका ने भी एक तरह से अनुच्छेद 370 हटाने के भारत सरकार के फैसले का समर्थन किया है। उसने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि वो अपने देश में आतंकवादी समूहों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे।

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