देश में स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने वाले हर पांच में से चार लोग एंड्रॉयड फोनों का इस्तेमाल करते हैं। ये हमारी जिंदगी का हिस्सा बन गए हैं। इनमें हमसे जुड़ा काफी निजी डेटा स्टोर होता है। इसलिए इनकी सुरक्षा भी जरूरी है। मौजूदा समय में यूजर्स के पर्सनल डेटा की सिक्यॉरिटी पर अक्सर सवाल उठते रहते हैं। अक्सर ही ऐप्स के हैक होने की खबरें आती रहती हैं। यूजर्स के पर्सनल डेटा में सेंध लगाने के लिए फेसबुक जैसे ऐप को भी निशाना बनाया जाता है। इसी की वजह से आप की सर्च हिस्ट्री के आधार पर आपको ऐड दिखाई देते हैं। सर्च इंजन गूगल ने डिवेलपर्स कॉन्फ्रेंस I/O 2019 में अपडेटेड प्रीवेसी और सिक्यॉरिटी पॉलिसी की घोषणा की थी। गूगल जल्द ऐंड्रॉयड का अपडेटेड वर्जन ऐंड्रॉयड Q लॉन्च करेगा। अगर आप भी अपनी प्रिवेसी के बारे में चिंतित हैं तो कुछ टिप्स के जरिए आप अपने डेटा को सिक्यॉर रख सकते हैं।

ऐप्स को न दें सारी पर्मिशन
कभी कभी ऐसा देखा जाता है कि कुछ ऐप्स आपसे ऐसी पर्मिशन मांगते हैं जिससे उनके फंक्शन करने का कोई संबंध नहीं है। जैसे कई वेदर यानी मौसम से जुड़े ऐप्स आपसे कॉल और कैमरे का एक्सेस मांगते हैं जबकि वेदर ऐप को फंक्शन करने के लिए आपकी लोकेशन और इंटरनेट कनेक्टिविटी के अलावा किसी पर्मिशन की जरूरत नहीं होती। इसी तरह अगर कोई गेमिंग ऐप माइक्रोफोन का एक्सेस मांगता है तो इसका मतलब है कि ऐप आपकी निजी बातें सुन सकता है। तो अगर कोई ऐप आपसे ऐसी पर्मिशन मांगता है जो आपको सही न लगे तो पर्मिशन को डिनाई कर दें। इसके बाद अगर ऐप ठीक से काम नहीं करता है तो कोई विकल्प के तौर पर कोई दूसरा ऐप डाउनलोड करें।

पर्मिशंस को यूं करें मैनेज
1. सबसे पहले फोन की सेटिंग्स में जाएं
2. ‘ऐप्स’ ऑप्शन में जाएं
3. जिस ऐप की पर्मिशन मैनेज करनी हो उस पर टैप करें
4. इसके बाद ‘पर्मिशन’ सेक्शन में जाएं
5. इसके बाद आपको हर पर्मिशन के आगे एक टॉगल दिखाई देगा
6. जो पर्मिशन आप देना चाहते हैं उसके सामने टॉगल को ऑन कर दें
7. जो पर्मिशन डिनाई करना चाहते हैं उसके आगे टॉगल ऑफ कर दें

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